




कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण
वॉलमार्ट वृद्धि ने 25 मार्च 2026 को कानपुर के होटल द ब्रिज में एमएसएमई कनेक्ट 2026 का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य एमएसएमई को डिजिटल कॉमर्स इकोसिस्टम से जोड़ना और बाजार तक पहुंच के नए अवसरों का पता लगाना था। इस कार्यक्रम में 250 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें उद्यमी, वरिष्ठ सरकारी प्रतिनिधि और विभिन्न संस्थागत साझेदार शामिल थे। यह एमएसएमई विकास के लिए विभिन्न हितधारकों के मजबूत सहयोग को दर्शाता है।
माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश के सलाहकार श्री अवनीश कुमार अवस्थी मुख्य अतिथि के रूप में तथा उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य श्री साकेत मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता और सत्र
कार्यक्रम की शुरुआत आइडियाज़ टू इम्पैक्ट फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं ट्रस्टी परुल सोनी के उद्घाटन संबोधन से हुई। उन्होंने एमएसएमईज़ को डिजिटल उपकरणों, व्यक्तिगत मार्गदर्शन और बाज़ार से जोड़ने के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए वॉलमार्ट वृद्धि के निरंतर प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बदलते हुए बाज़ार परिवेश में छोटे व्यवसायों को सक्षम बनाने तथा उन्हें सतत विकास के अवसरों का लाभ उठाने के लिए आवश्यक क्षमताओं से पूर्ण करना बेहद महत्वपूर्ण है।
वॉलमार्ट सोर्सिंग के वाइस प्रेसिडेंट नितिन प्रसाद ने वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम का परिचय दिया और बताया कि यह एमएसएमई को मुफ्त बिज़नेस लर्निंग मॉड्यूल्स और मार्केटप्लेस अवसरों के माध्यम से कैसे सशक्त बनाता है। उन्होंने यह भी बताया कि यह कार्यक्रम उद्यमियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद कर रहा है। श्री अवनीश कुमार अवस्थी, माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश के सलाहकार, ने उत्तर प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र के आर्थिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि राज्य में लगभग 96 लाख एमएसएमई हैं, जिनमें से करीब 50 लाख सक्रिय रूप से आर्थिक विकास में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने इस मजबूत उद्यमशील आधार की संभावनाओं पर जोर देते हुए कहा कि क्षमता निर्माण और बाज़ार तक पहुंच प्रदान करने वाली पहलें, जैसे वॉलमार्ट वृद्धि, एमएसएमई को ई-कॉमर्स और निर्यात अवसरों का लाभ उठाने, अपने व्यवसाय का विस्तार करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बना रही हैं।
श्री साकेत मिश्रा, माननीय सदस्य, उत्तर प्रदेश विधान परिषद, ने MSMEs की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के लिए नवाचार और निरंतर कौशल विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बदलते बाजार के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए स्थानीय व्यवसायों को मजबूत समर्थन तंत्र की जरूरत है। श्री जय कुमार गुप्ता, जनरल मैनेजर एवं रीजनल इन-चार्ज – लखनऊ, एसआईडीबीआई, ने एमएसएमईज़ को पूंजी तक पहुंच और वित्तीय समाधान उपलब्ध कराकर समर्थन देने में एसआईडीबीआई की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने राज्यभर में स्थापित इसके इन्क्यूबेशन सेंटर्स के बारे में भी बताया, जो उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और व्यवसायिक विकास को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस कार्यक्रम में वॉलमार्ट वृद्धि के ग्रेजुएट्स रेनुका मिश्रा, फाउंडर रेनहोम्ज़, और दीपक राय, ओनर अल्पिनिस्टा, द्वारा एक अनुभव-साझा सत्र भी आयोजित किया गया । उन्होंने साझा किया कि इस कार्यक्रम के साथ उनकी यात्रा ने उनके व्यवसाय के विभिन्न पहलुओं को कैसे सशक्त बनाया—जिसमें ऑपरेशनल और पैकेजिंग प्रक्रियाओं में सुधार से लेकर डिजिटल क्षमताओं का निर्माण और व्यवसाय के विस्तार को समर्थन देना शामिल है।
ओरिएंटेशन एवं संवाद
ओरिएंटेशन सत्रों का उद्देश्य एमएसएमई को वॉलमार्ट वृद्धि के अंतर्गत डिजिटल कॉमर्स के विभिन्न मार्गों और बाज़ार तक पहुंच के अवसरों के प्रति उनकी समझ विकसित करना था। वॉलमार्ट मार्केटप्लेस से कुशल सिंह ने प्रतिभागियों को वॉलमार्ट डॉट कॉम के माध्यम से क्रॉस-बॉर्डर ट्रेड के बारे में जानकारी दी। फ्लिपकार्ट से अखिल सोदानी ने फ्लिपकार्ट ऑनबोर्डिंग और सेलर रेडीनेस पर सत्र का संचालन किया, जबकि वॉलमार्ट वृद्धि सप्लायर एकेडमी मास्टरक्लास का नेतृत्व आइडियाज़ टू इम्पैक्ट फाउंडेशन से अमीश निशेष ने किया, जिसमें व्यवसायिक क्षमताओं को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। सत्रों का समापन एक इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर (क्यू एंड ए) के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान किया गया।
आगे की राह
कार्यक्रम के दौरान हुई चर्चाओं ने इस बात पर जोर दिया कि प्रमुख एमएसएमई क्लस्टर्स में वॉलमार्ट वृद्धि की पहुंच को मजबूत करने और स्थानीय उद्यमों की भागीदारी बढ़ाने के लिए निरंतर सरकारी सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रतिभागियों ने यह भी उल्लेख किया कि एमएसएमई के बीच डिजिटल कॉमर्स अपनाने और नए बाज़ार चैनलों की खोज करने में रुचि लगातार बढ़ रही है, विशेष रूप से तब जब उन्हें संरचित मार्गदर्शन, क्षमता निर्माण और इकोसिस्टम लिंकिज़ का समर्थन प्राप्त होता है।
सत्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि कानपुर जैसे शहर मजबूत एमएसएमई अवसर केंद्र (हब्स) के रूप में उभर रहे हैं, जहाँ लक्षित हस्तक्षेप उद्यमों को बाज़ार के लिए तैयार होने और व्यापक घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय अवसरों तक पहुंच बनाने में मदद कर सकते हैं। ऐसे स्थानीय स्तर पर जुड़ाव को मजबूत करना आवश्यक होगा, ताकि अधिक से अधिक एमएसएमई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का लाभ उठाकर सतत रूप से विस्तार कर सकें।