वॉलमार्ट वृद्धि एमएसएमई कनेक्ट कानपुर 2026 ने उत्तर प्रदेश में एमएसएमई विकास को दी नई गति

माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश के सलाहकार श्री अवनीश कुमार अवस्थी एवं उत्तर प्रदेश विधान परिषद के माननीय सदस्य श्री साकेत मिश्रा ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। उनके साथ एसआईडीबीआई के जनरल मैनेजर एवं क्षेत्रीय प्रभारी (लखनऊ) श्री जय कुमार गुप्ता तथा वॉलमार्ट वृद्धि, वॉलमार्ट मार्केटप्लेस और वॉलमार्ट सोर्सिंग के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
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उत्तर प्रदेश विधान परिषद के माननीय सदस्य श्री साकेत मिश्रा द्वारा मुख्य अतिथि संबोधन दिया गया।
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अल्पिनिस्टा के मालिक दीपक राय ने वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
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कानपुर के एमएसएमई प्रतिभागी प्रश्नोत्तर सत्र में भाग लेते हुए।

कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण

वॉलमार्ट वृद्धि ने 25 मार्च 2026 को कानपुर के होटल द ब्रिज में एमएसएमई कनेक्ट 2026 का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य एमएसएमई को डिजिटल कॉमर्स इकोसिस्टम से जोड़ना और बाजार तक पहुंच के नए अवसरों का पता लगाना था। इस कार्यक्रम में 250 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें उद्यमी, वरिष्ठ सरकारी प्रतिनिधि और विभिन्न संस्थागत साझेदार शामिल थे। यह एमएसएमई विकास के लिए विभिन्न हितधारकों के मजबूत सहयोग को दर्शाता है।

माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश के सलाहकार श्री अवनीश कुमार अवस्थी मुख्य अतिथि के रूप में तथा उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य श्री साकेत मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

मुख्य वक्ता और सत्र

कार्यक्रम की शुरुआत आइडियाज़ टू इम्पैक्ट फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं ट्रस्टी परुल सोनी के उद्घाटन संबोधन से हुई। उन्होंने एमएसएमईज़ को डिजिटल उपकरणों, व्यक्तिगत मार्गदर्शन और बाज़ार से जोड़ने के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए वॉलमार्ट वृद्धि के निरंतर प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बदलते हुए बाज़ार परिवेश में छोटे व्यवसायों को सक्षम बनाने तथा उन्हें सतत विकास के अवसरों का लाभ उठाने के लिए आवश्यक क्षमताओं से पूर्ण करना बेहद महत्वपूर्ण है।

वॉलमार्ट सोर्सिंग के वाइस प्रेसिडेंट नितिन प्रसाद ने वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम का परिचय दिया और बताया कि यह एमएसएमई को मुफ्त बिज़नेस लर्निंग मॉड्यूल्स और मार्केटप्लेस अवसरों के माध्यम से कैसे सशक्त बनाता है। उन्होंने यह भी बताया कि यह कार्यक्रम उद्यमियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद कर रहा है। श्री अवनीश कुमार अवस्थी, माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश के सलाहकार, ने उत्तर प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र के आर्थिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि राज्य में लगभग 96 लाख एमएसएमई हैं, जिनमें से करीब 50 लाख सक्रिय रूप से आर्थिक विकास में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने इस मजबूत उद्यमशील आधार की संभावनाओं पर जोर देते हुए कहा कि क्षमता निर्माण और बाज़ार तक पहुंच प्रदान करने वाली पहलें, जैसे वॉलमार्ट वृद्धि, एमएसएमई को ई-कॉमर्स और निर्यात अवसरों का लाभ उठाने, अपने व्यवसाय का विस्तार करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बना रही हैं।

श्री साकेत मिश्रा, माननीय सदस्य, उत्तर प्रदेश विधान परिषद, ने MSMEs की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के लिए नवाचार और निरंतर कौशल विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बदलते बाजार के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए स्थानीय व्यवसायों को मजबूत समर्थन तंत्र की जरूरत है। श्री जय कुमार गुप्ता, जनरल मैनेजर एवं रीजनल इन-चार्ज – लखनऊ, एसआईडीबीआई, ने एमएसएमईज़ को पूंजी तक पहुंच और वित्तीय समाधान उपलब्ध कराकर समर्थन देने में एसआईडीबीआई की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने राज्यभर में स्थापित इसके इन्क्यूबेशन सेंटर्स के बारे में भी बताया, जो उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और व्यवसायिक विकास को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस कार्यक्रम में वॉलमार्ट वृद्धि के ग्रेजुएट्स रेनुका मिश्रा, फाउंडर रेनहोम्ज़, और दीपक राय, ओनर अल्पिनिस्टा, द्वारा एक अनुभव-साझा सत्र भी आयोजित किया गया । उन्होंने साझा किया कि इस कार्यक्रम के साथ उनकी यात्रा ने उनके व्यवसाय के विभिन्न पहलुओं को कैसे सशक्त बनाया—जिसमें ऑपरेशनल और पैकेजिंग प्रक्रियाओं में सुधार से लेकर डिजिटल क्षमताओं का निर्माण और व्यवसाय के विस्तार को समर्थन देना शामिल है।

ओरिएंटेशन एवं संवाद

ओरिएंटेशन सत्रों का उद्देश्य एमएसएमई को वॉलमार्ट वृद्धि के अंतर्गत डिजिटल कॉमर्स के विभिन्न मार्गों और बाज़ार तक पहुंच के अवसरों के प्रति उनकी समझ विकसित करना था। वॉलमार्ट मार्केटप्लेस से कुशल सिंह ने प्रतिभागियों को वॉलमार्ट डॉट कॉम के माध्यम से क्रॉस-बॉर्डर ट्रेड के बारे में जानकारी दी। फ्लिपकार्ट से अखिल सोदानी ने फ्लिपकार्ट ऑनबोर्डिंग और सेलर रेडीनेस पर सत्र का संचालन किया, जबकि वॉलमार्ट वृद्धि सप्लायर एकेडमी मास्टरक्लास का नेतृत्व आइडियाज़ टू इम्पैक्ट फाउंडेशन से अमीश निशेष ने किया, जिसमें व्यवसायिक क्षमताओं को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। सत्रों का समापन एक इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर (क्यू एंड ए) के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान किया गया।

आगे की राह

कार्यक्रम के दौरान हुई चर्चाओं ने इस बात पर जोर दिया कि प्रमुख एमएसएमई क्लस्टर्स में वॉलमार्ट वृद्धि की पहुंच को मजबूत करने और स्थानीय उद्यमों की भागीदारी बढ़ाने के लिए निरंतर सरकारी सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रतिभागियों ने यह भी उल्लेख किया कि एमएसएमई के बीच डिजिटल कॉमर्स अपनाने और नए बाज़ार चैनलों की खोज करने में रुचि लगातार बढ़ रही है, विशेष रूप से तब जब उन्हें संरचित मार्गदर्शन, क्षमता निर्माण और इकोसिस्टम लिंकिज़ का समर्थन प्राप्त होता है।

सत्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि कानपुर जैसे शहर मजबूत एमएसएमई अवसर केंद्र (हब्स) के रूप में उभर रहे हैं, जहाँ लक्षित हस्तक्षेप उद्यमों को बाज़ार के लिए तैयार होने और व्यापक घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय अवसरों तक पहुंच बनाने में मदद कर सकते हैं। ऐसे स्थानीय स्तर पर जुड़ाव को मजबूत करना आवश्यक होगा, ताकि अधिक से अधिक एमएसएमई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का लाभ उठाकर सतत रूप से विस्तार कर सकें।

वॉलमार्ट वृद्धि की महाराष्ट्र उद्योग निदेशालय के साथ साझेदारी, एमएसएमई को डिजिटल प्रशिक्षण और व्यवसायिक उपकरणों से सशक्त बनाने की दिशा में पहल

मुंबई, महाराष्ट्र, 01 अप्रैल 2026वॉलमार्ट वृद्धि ने आज अपने कार्यक्रम साझेदार आइडियाज़ टू इम्पैक्ट फाउंडेशन के माध्यम से महाराष्ट्र सरकार के उद्योग निदेशालय के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

इस साझेदारी का उद्देश्य महाराष्ट्र के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए नए विकास के अवसर तैयार करना है। डिजिटल सीखने की सामग्री और व्यावसायिक उपकरणों के माध्यम से, यह पहल एमएसएमई को देश और विदेश दोनों बाज़ारों में आगे बढ़ने और सफल होने में मदद करेगी। 1 अप्रैल 2026 को मुंबई में औपचारिक रूप से हुआ यह समझौता वॉलमार्ट वृद्धि के उस लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसके तहत 2028 तक पूरे भारत में 1 लाख एमएसएमई को सशक्त बनाने का उद्देश्य है।

इस सहयोग के तहत, महाराष्ट्र के एमएसएमई को वॉलमार्ट वृद्धि के निःशुल्क प्रशिक्षण और डिजिटल उपकरणों तक पहुँच मिलेगी, जिससे वे अपने व्यवसाय को बेहतर बना सकेंगे और प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ सकेंगे। उद्योग निदेशालय अपने जिला उद्योग केंद्रों (डीआईसी) के माध्यम से इस कार्यक्रम को राज्य के अधिक से अधिक उद्यमियों तक पहुँचाएगा। यह कार्यक्रम वस्त्र, हस्तशिल्प, कृषि प्रसंस्करण, चमड़ा उत्पाद, रेडीमेड वस्त्र, रेशम, फर्नीचर, आभूषण, मिठाई और पीतल उत्पाद जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित होगा । इसकी शुरुआत मुंबई, ठाणे, पुणे, नागपुर, नासिक और छत्रपति संभाजीनगर जैसे जिलों से की जाएगी।

महाराष्ट्र सरकार के उद्योग विभाग के प्रधान सचिव श्री पी. अंबलगन ने कहा, “एमएसएमई महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। यह उद्योग विकास, रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देते हैं। वॉलमार्ट वृद्धि के साथ हमारी यह साझेदारी एमएसएमई को भविष्य के लिए तैयार करने और उन्हें आज के बाज़ार में प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है ”

वॉलमार्ट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, सोर्सिंग एवं प्रोक्योरमेंट, श्री जेसन फ्रेमस्टेड ने कहा, “एमएसएमई भारत की आर्थिक वृद्धि के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक हैं । इस साझेदारी के माध्यम से, वॉलमार्ट वृद्धि एमएसएमई को उनकी पूरी क्षमता तक पहुँचने में मदद कर रहा है। डिजिटल उपकरण, प्रशिक्षण और बाज़ार तक पहुँच के जरिए, यह कार्यक्रम छोटे व्यवसायों को स्थानीय स्तर से राष्ट्रीय और वैश्विक अवसरों तक पहुँचने में सक्षम बनाता है ”

महाराष्ट्र के कई उद्यमी वॉलमार्ट वृद्धि के माध्यम से अपने व्यवसाय को आधुनिक बना रहे हैं, डिजिटल क्षमता बढ़ा रहे हैं और नए बाज़ारों तक पहुँच बना रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, ऑनलाइन बेचो के सह-संस्थापक हर्षल गड़ा ने इस कार्यक्रम की मदद से अपने ब्रांड को बेहतर बनाया, सप्लाई चेन को मजबूत किया और अपने डिजिटल कारोबार को आगे बढ़ाया। मेंटरशिप की मदद से उन्होंने अपने स्टॉक प्रबंधन को बेहतर किया और उत्पादन का विस्तार किया, जिससे वे भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाज़ार तक ले जाने के लिए तैयार हो पाए।

इसी तरह, अनिंदिता चौधुरी द्वारा संचालित इकोसर्व इंडिया एक महिला-नेतृत्व वाला उद्यम है, जो प्राकृतिक और पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद बनाता है। वॉलमार्ट वृद्धि की मदद से इस कंपनी ने अपनी रणनीति को और मजबूत किया, डिजिटल प्लेटफॉर्म की समझ बढ़ाई और संचालन को बेहतर बनाया। इससे उनके साथ काम करने वाले कारीगर, जिनमें 90% महिलाएँ हैं, अब बड़े बाज़ारों तक आत्मविश्वास के साथ पहुँच पा रहे हैं।

2019 में शुरू हुआ वॉलमार्ट वृद्धि एक ऐसा कार्यक्रम है, जो भारत के एमएसएमई को आधुनिक बनाने, विस्तार करने और देश-विदेश के बाज़ारों में आगे बढ़ने के लिए तैयार करता है। यह कार्यक्रम वॉलमार्ट की वैश्विक सप्लाई चेन की समझ और फ्लिपकार्ट के देशभर में फैले ई-कॉमर्स नेटवर्क को साथ लाता है। इसमें एमएसएमई को वित्त, विपणन, कार्यबल प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स जैसे विषयों पर निःशुल्क प्रशिक्षण, मेंटरशिप और व्यावसायिक सलाह दी जाती है। अब तक, इस कार्यक्रम के माध्यम से 70,000 से अधिक एमएसएमई को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

एमएसएमई वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम में पंजीकरण कर नए विकास के अवसर प्राप्त कर सकते हैं: https://www.walmartvriddhi.org/register-with-walmartvriddhi जो विक्रेता वॉलमार्ट मार्केटप्लेस के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करना चाहते हैं, वे यहाँ पंजीकरण कर सकते हैं: https://www.walmartvriddhi.org/register-with-walmart-marketplace

वॉलमार्ट के बारे में

वॉलमार्ट इंक. (NYSE: WMT) एक लोगों के नेतृत्व वाला और तकनीक-संचालित ओम्नीचैनल रिटेलर है, जो लोगों को कम खर्च में बेहतर जीवन जीने में मदद करता है—चाहे वह स्टोर्स में हो, ऑनलाइन हो या मोबाइल डिवाइस के माध्यम से—कभी भी और कहीं भी। हर सप्ताह लगभग 25.5 करोड़ ग्राहक और सदस्य 19 देशों में स्थित 10,500 से अधिक स्टोर्स और अनेक ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर खरीदारी करते हैं। वित्त वर्ष 2024 में 648 अरब डॉलर के राजस्व के साथ, वॉलमार्ट दुनिया भर में लगभग 21 लाख कर्मचारियों को रोजगार देता है। वॉलमार्ट सततता, कॉर्पोरेट परोपकार और रोजगार के अवसरों के क्षेत्र में अग्रणी बना हुआ है। वॉलमार्ट के बारे में अधिक जानकारी के लिए corporate.walmart.com पर जाएं, या फेसबुक पर facebook.com/walmart, एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर twitter.com/walmart, और लिंक्डइन पर linkedin.com/company/walmart देखें।

आइडियाज़ टू इम्पैक्ट (i2i) फाउंडेशन के बारे में

आइडियाज़ टू इम्पैक्ट (i2i) फाउंडेशन, वॉलमार्ट वृद्धि का कार्यान्वयन साझेदार, एक गैर-लाभकारी संस्था है जो नवोन्मेषी और समुदाय-केंद्रित समाधानों के माध्यम से सतत मानव विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। i2i सरकारों, नागरिक समाज संगठनों और कॉर्पोरेट संस्थाओं के साथ साझेदारी कर ऐसे स्केलेबल कार्यक्रम विकसित करता है, जो वंचित समुदायों को सशक्त बनाते हैं और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को समर्थन प्रदान करते हैं। फाउंडेशन का कार्य शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और जेंडर समावेशन जैसे क्षेत्रों में फैला हुआ है, जिसका उद्देश्य सशक्त और समावेशी समाज का निर्माण करना है। सहयोग और पारदर्शिता की सुदृढ़ नींव पर आधारित i2i फाउंडेशन बेहतर भविष्य के निर्माण हेतु स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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उत्तर प्रदेश में स्मॉल बिजनेस इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए वॉलमार्ट वृद्धि ने कानपुर में किया एमएसएमई कनेक्ट 2026 का आयोजन

कानपुर, उत्तर प्रदेश, 26 मार्च, 2026: उत्तर प्रदेश सरकार के एमएसएमई एवं निर्यात संवर्धन विभाग के साथ साझेदारी में वॉलमार्ट वृद्धि ने आइडियाज टु इम्पैक्ट फाउंडेशन (आई2आई) के साथ मिलकर कानपुर में वॉलमार्ट वृद्धि एमएसएमई कनेक्ट 2026 का आयोजन किया। इस आयोजन में विभिन्न उद्यमी, सरकार के प्रतिनिधि और उद्योग जगत के प्रमुख लोग एक मंच पर आए और राज्य में एमएसएमई इकोसिस्टम को मजबूत करने के विषय पर विमर्श किया। इस दौरान वॉलमार्ट वृद्धि सप्लायर डेवलपमेंट प्रोाग्रम के माध्यम से मिलने वाले अवसरों को भी सामने रखा गया।

वॉलमार्ट वृद्धि लगातार निशुल्क प्रशिक्षण, मार्केट एक्सेस और टूल्स प्रदान करते हुए उत्तर प्रदेश में एमएसएमई को रेजिलिएंट और डिजिटल रूप से सक्षम कारोबार स्थापित करने में मदद कर रहा है। इस प्रोग्राम के तहत वर्कशॉप एवं सेमिनार के जरिये विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाता है, जिनका उद्देश्य उनकी कारोबारी क्षमताओं को बढ़ाना होता है।

वॉलमार्ट वृद्धि, उत्तर प्रदेश में लेदर उत्पाद, फुटवियर, टेक्सटाइल्स, होजरी और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों के निर्यात से जुड़े क्लस्टर्स में एमएसएमई को सशक्त बना रहा है। यह प्रोग्राम आगरा, मऊ, मुरादाबाद, मेरठ, गाजियाबाद और वाराणसी में भी अपनी पहुंच बढ़ा रहा है।

2019 में लॉन्च किए गए वॉलमार्ट वृद्धि प्रोग्राम को इस तरह से डिजाइन किया गया है, जिससे देशभर के एमएसएमई को आधुनिक होने, विस्तार करने और घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में विकास करने में सक्षम बनाया जा सके। इस साल की शुरुआत में वॉलमार्ट वृद्धि ने अपने प्रोग्राम पार्टनर के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया था। इसका उद्देश्य एमएसएमई की क्षमताओं को बढ़ाना और उन्हें फ्लिपकार्ट एवं वॉलमार्ट मार्केटप्लेस पर ऑनबोर्ड होने में मदद करना है। यह साझेदारी ‘मेक इन इंडिया’ पहल के अनुरूप है और इसका लक्ष्य स्थानीय कारोबारियों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजारों में अपनी मौजूदगी को बढ़ाने में सहयोग करना है।

माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश के सलाहकार श्री अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश में करीब 96 लाख एमएसएमई हैं। इनमें से करीब 50 लाख एमएसएमई सक्रिय हैं और अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। वॉलमार्ट वृद्धि जैसी पहल से एमएसएमई को जुड़ने, सीखने और आगे बढ़ने के लिए सही सपोर्ट मिल रहा है। फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स चैनल्स के माध्यम से बिक्री करने की बात हो या वॉलमार्ट के जरिये निर्यात की, दोनों ही मामलों में व्यापक संभावनाएं हैं। सही मार्गदर्शन और सपोर्ट से हमारे एमएसएमई और विस्तार कर सकते हैं तथा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकते हैं।’

वॉलमार्ट के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, सोर्सिंग एंड प्रोक्योरमेंट, जेसन फ्रेमस्टैड ने कहा, ‘एमएसएमई को मजबूत बनाने के लिए पूरे इकोसिस्टम में गठजोड़ की जरूरत है। लंबी अवधि में कारोबारी सफलता के लिए एमएसएमई को विकास एवं प्रतिस्पर्धा की राह पर लाना जरूरी है। वॉलमार्ट वृद्धि प्रोग्राम निशुल्क प्रशिक्षण, पर्सनलाइज्ड मेंटरशिप और मार्केटप्लेस एक्सेस के माध्यम से उद्यमियों को उनके कारोबार का विस्तार करने में सक्षम बनाता है और नए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने में मदद करता है।’

राज्य के उद्यमी वॉलमार्ट वृद्धि से मिले प्रशिक्षण के माध्यम से अपने कारोबार का विकास कर रहे हैं। रेनहोम्ज की मालकिन रेणुका मिश्रा बताती हैं कि उन्होंने पर्सनलाइज्ड मेंटरशिप के माध्यम से अपनी प्रोडक्ट पैकेजिंग, प्राइसिंग और रेडिनेस को बढ़ाया है। वह 150 से ज्यादा महिला कारीगरों का सहयोग कर रही हैं और 200 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि हासिल की है। इसी तरह, प्रतीक एंटरप्राइजेज के मालिक संजय कुमार बताते हैं कि उन्होंने प्राइसिंग, मार्केट स्ट्रेटजी और क्लाइंट एंगेजमेंट पर मिले मार्गदर्शन की मदद से अपनी कंपनी के बर्ड-नेट एवं सेफ्टी इनोवेशन बिजनेस को आगे बढ़ाया है। संजय के अनुसार, प्रोग्राम से मिली सीख को अपनाने से उनकी मासिक बिक्री करीब 50,000 रुपये से आज 10 लाख रुपये के ऊपर पहुंच गई है। सालभर में ऑनलाइन रेवेन्यू 20 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा है और फ्लिपकार्ट से बिक्री 30 प्रतिशत बढ़ गई।

उद्यमियों को उनकी मौजूदा स्थिति से उनके सपनों को साकार करने के सफर तक ले जाने के लिए वॉलमार्ट वृद्धि प्रभावी मॉडल पर काम कर रहा है। इसमें जमीनी मदद के लिए डिजिटल कौशल सिखाने वाले टूल्स, मार्केटप्लेस ऑनबोर्डिंग और पर्सनलाइज्ड मेंटरशिप को साथ लाया जा रहा है। फाइनेंस, मार्केटिंग, वर्कफोर्स मैनेजमेंट और पर्यावरण संरक्षण समेत बिजनेस मैनेजमेंट के अहम पहलुओं के बारे में एमएसएमई को प्रशिक्षित करने के लिए डिजिटल टूल्स का प्रयोग करते हुए यह प्रोग्राम उद्यमियों को ऐसे बिजनेस मॉडल तैयार करने में मदद कर रहा है, जिन्हें बड़े पैमाने पर अपनाया जा सके और जो पर्यावरण अनुकूल हों।

एमएसएमई इस लिंक पर जाकर वॉलमार्ट वृद्धि प्रोग्राम के लिए रजिस्टर कर सकते हैं: https://retaillink.login.wal-mart.com/ वॉलमार्ट मार्केटप्लेस के माध्यम से विस्तार करने के इच्छुक सेलर्स यहां रजिस्टर कर सकते हैं:

वॉलमार्ट के बारे में

वॉलमार्ट इंक. (NYSE: WMT) एक लोगों के नेतृत्व और टेक्नोलॉजी से सशक्त ओमनीचैनल रिटेलर है, जो लोगों को कभी भी, कहीं भी पैसे बचाने और बेहतर जीवन जीने में मदद करता है – चाहे वो स्टोर हो, ऑनलाइन हो या मोबाइल डिवाइस के माध्यम से। हर सप्ताह, लगभग 270 मिलियन ग्राहक और सदस्य 19 देशों में मौजूद 10,750 से अधिक स्टोर्स और कई ई‑कॉमर्स वेबसाइट्स पर विज़िट करते हैं। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का राजस्व $681 बिलियन रहा और वॉलमार्ट दुनिया भर में लगभग 21 लाख एसोसिएट्स को रोजगार देता है वॉलमार्ट सततता, कॉर्पोरेट परोपकार और रोजगार के अवसरों के क्षेत्र में अग्रणी बना हुआ है। और जानकारी के लिए देखें: corporate.walmart.com , Facebook पर facebook.com/Walmart, और X (पूर्व में Twitter) पर twitter.com/walmart, तथा LinkedIn पर linkedin.com/company/walmart.

आइडियाज़ टू इम्पैक्ट (i2i) फाउंडेशन के बारे में

2017 में स्थापित, आईडियाज़ टू इम्पैक्ट (i2i) फाउंडेशन का स्पष्ट मिशन रणनीति और प्रभाव के बीच की दूरी को पाटना है। को-फाउंडर्स की सोशल एडवाइजरी विशेषज्ञता के आधार पर, i2i फाउंडेशन ने 360° एडवाइजरी सेवाओं और ज़मीनी स्तर पर क्रियान्वयन को जोड़ते हुए एक विशिष्ट मॉडल विकसित किया है, जो समावेशी और स्केलेबल डेवलपमेंट समाधान तैयार करता है। वॉलमार्ट वृद्धि के माध्यम से छोटे व्यवसायों को सक्षम बनाने की इसकी क्षमता इसी विशेषज्ञता में निहित है। फाउंडेशन सरकारों तथा कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ मिलकर बहु-हितधारक सहयोग के जरिए नवाचारी समाधानों को डिज़ाइन, पायलट और संस्थागत रूप देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025-30’ के तहत ई-कॉमर्स निर्यात को बढ़ावा देने के लिए वॉलमार्ट वृद्धि के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया

लखनऊ, उत्तर प्रदेश, 15 जनवरी, 2026: एमएसएमई के विकास और ई-कॉमर्स निर्यात में उत्तर प्रदेश की अग्रणी स्थिति को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने वॉलमार्ट वृद्धि के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है। राज्य सरकार ने अपने निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के माध्यम से भारत में वॉलमार्ट के क्रियान्वयन सहयोगी ‘आइडियाज टू इम्पैक्ट’ फाउंडेशन के साथ पिछले हफ्ते इस एमओयू पर हस्ताक्षर किया। भारत सरकार के ‘लोकल से ग्लोबल’ मिशन के तहत किए गए इस गठजोड़ को इस तरह से डिजाइन किया गया है, जिसमें उत्तर प्रदेश के एमएसएमई को निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इससे उन्हें विकास करने, अपने प्रोडक्ट्स को बढ़ाने, डिजिटल होने और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर सक्रिय होने में मदद मिलेगी। यहां उन्हें अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और राष्ट्रीय एवं वैश्विक सप्लाई चेन का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा।

इस साझेदारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश में एमएसएमई को फ्लिपकार्ट एवं वॉलमार्ट मार्केटप्लेस पर ऑनबोर्ड करने के लिए मदद प्रदान की जाएगी।

“एमएसएमई उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, जो पूरे राज्य में रोजगार, इनोवेशन और समावेशी विकास को बढ़ावा देते हैं। उद्यमियों के एक मजबूत आधार, समृद्ध मैन्युफैक्चरिंग और हैंडीक्राफ्ट क्लस्टर के साथ उत्तर प्रदेश ई-कॉमर्स के प्रमुख एक्सपोर्ट हब (निर्यात हब) के रूप में उभरने की दृष्टि से मजबूत स्थिति में है। उत्तर प्रदेश सरकार के एमएसएमई और निर्यात प्रोत्साहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आलोक कुमार, आईएएस ने कहा, “उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025-30 के माध्यम से इस विजन को सक्रियता से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस नीति में ई-कॉमर्स निर्यात पर जोर दिया गया है। ई-कॉमर्स ऑनबोर्डिंग असिस्टेंस स्कीम के तहत राज्य सरकार निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर पहले साल की लिस्टिंग में सहायता करने, एंट्री बैरियर (प्रवेश की बाधाओं) को कम करने और एमएसएमई को वैश्विक डिजिटल बाजारों में तेजी से जोड़ने के लिए 75 प्रतिशत का वनटाइम इन्सेंटिव देती है, जिसकी सीमा 3 लाख रुपये तक है। वॉलमार्ट वृद्धि के साथ यह साझेदारी आज के तेजी से बदलते बाजार में हमारे व्यवसायों को सफल होने के लिए जरूरी कौशल, डिजिटल टूल और बाजार तक पहुंच प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

वॉलमार्ट इंटरनेशनल के सप्लायर डेवलपमेंट, सोर्सिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट जेसन फ्रेमस्टैड ने कहा, “उत्तर प्रदेश भारत के कुछ सबसे डायनामिक और एंटरप्रेन्योरियल एमएसएमई का हब है। यहां न सिर्फ राज्य में विकास में योगदान देने की, बल्कि राष्ट्रीय एवं वैश्विक सप्लाई चेन को ताकत देने की भी हमारे लिए व्यापक संभावनाएं हैं। वॉलमार्ट वृद्धि के जरिये हम उत्तर प्रदेश सरकार के साथ साझेदारी करते हुए स्थानीय कारोबारियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण एवं समर्थन प्रदान करने के लिए उत्साहित हैं। इससे उन्हें अपनी क्षमताओं को मज़बूत करने, डिजिटल टूल्स को अपनाने और बाजार में नए अवसर बनाने में मदद मिलेगी।”

वॉलमार्ट क्रॉस-बॉर्डर ट्रेड के ग्रुप डायरेक्टर अशिन मैथ्यू ने कहा, “वॉलमार्ट मार्केटप्लेस भारत के एमएसएमई इकोसिस्टम के लिए नए रास्ते खोलने के लिए समर्पित है। इससे स्थानीय कारोबारियों को अपनी क्षमताओं को मजबूत करने, परिचालन बढ़ाने और वैश्विक ग्राहकों से जुड़ने में मदद मिलेगी। उद्यमियों को सशक्त बनाकर हम इनोवेशन को बढ़ावा दे रहे हैं, सप्लाई चेन को आसान बना रहे हैं और इंटरनेशनल मार्केट तक पहुंच बढ़ा रहे हैं।”

वॉलमार्ट वृद्धि राज्य में जमीनी स्तर पर एमएसएमई को सशक्त बनाने की अपनी पहल को आगे बढ़ा रही है। इसी दिशा में हाल ही में मऊ जिले में एमएसएमई कनेक्ट इवेंट और मुरादाबाद में एक फोकस्ड वर्कशॉप आयोजित की गई। इन इवेंट्स में उद्यमियों, सरकारी प्रतिनिधियों और इंडस्ट्री पार्टनर्स को एक मंच पर लाया गया ताकि अवसरों को साझा किया जा सके और एमएसएमई के डिजिटल और ऑपरेशनल स्किल्स को मजबूत किया जा सके।

राज्य में जिन उद्यमियों ने वॉलमार्ट वृद्धि से ट्रेनिंग ली है, उन्हें अच्छे नतीजे मिल रहे हैं। उदाहरण के लिए, रेणुका मिश्रा के नेतृत्व वाली रेनहोम्ज ने पर्सनलाइज्ड मेंटरशिप से पैकेजिंग, प्राइसिंग और प्रोडक्ट की तैयारी में सुधार किया। इसके माध्यम से उन्होंने 150 से ज्यादा महिला कारीगरों को सशक्त बनाया और राजस्व में 200 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की। ​​प्रतीक एंटरप्राइजेज के फाउंडर संजय कुमार ने डिजिटल क्षमताओं को मजबूत करके अपने सेफ्टी नेट के बिजनेस को बढ़ाया। इससे उनकी ऑनलाइन डिमांड व फ्लिपकार्ट पर मौजूदगी बढ़ी और उनकी मासिक आय 50,000 रुपये बढ़कर 10 लाख रुपये तक पहुंच गई। साथ ही उन्होंने एक बड़ी टीम भी बना ली है।

2019 में लॉन्च किया गया वॉलमार्ट वृद्धि प्रोग्राम एमएसएमई को आधुनिक बनने, आगे बढ़ने और नए बाजारों तक पहुंचने में मदद करने के लिए समर्पित है। यह प्रोग्राम वॉलमार्ट की ग्लोबल सप्लाई चेन विशेषज्ञता को फ्लिपकार्ट की ई-कॉमर्स पहुंच के साथ जोड़ता है और मुफ्त ट्रेनिंग, मेंटरिंग और बिजनेस सलाह देता है।

वॉलमार्ट वृद्धि ने अब तक 70,000 से ज्यादा एमएसएमई को ट्रेनिंग दी है। यह प्रोग्राम ज्यादा से ज्यादा राज्य सरकारों के साथ साझेदारी करके आगे बढ़ने के लिए प्रयासरत है, जिससे एमएसएमई को डिजिटल टूल्स, ट्रेनिंग और नए मार्केट से जुड़ने के मौके मिलेंगे। वॉलमार्ट वृद्धि से जुड़ने और विकास के मौके पाने के लिए एमएसएमई https://retaillink.login.wal-mart.com/ पर रजिस्टर कर सकते हैं। वॉलमार्ट मार्केटप्लेस के जरिये अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिक्री की इच्छा रखने वाले सेलर https://www.walmartvriddhi.org/register-with-walmart-marketplace पर रजिस्टर कर सकते हैं।

 

वॉलमार्ट के बारे में

वॉलमार्ट इंक. (NYSE: WMT) एक लोगों के नेतृत्व वाला और तकनीक-संचालित ओम्नीचैनल रिटेलर है, जो लोगों को कम खर्च में बेहतर जीवन जीने में मदद करता है—चाहे वह स्टोर्स में हो, ऑनलाइन हो या मोबाइल डिवाइस के माध्यम से—कभी भी और कहीं भी। हर सप्ताह लगभग 25.5 करोड़ ग्राहक और सदस्य 19 देशों में स्थित 10,500 से अधिक स्टोर्स और अनेक ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर खरीदारी करते हैं। वित्त वर्ष 2024 में 648 अरब डॉलर के राजस्व के साथ, वॉलमार्ट दुनिया भर में लगभग 21 लाख कर्मचारियों को रोजगार देता है। वॉलमार्ट सततता, कॉर्पोरेट परोपकार और रोजगार के अवसरों के क्षेत्र में अग्रणी बना हुआ है। वॉलमार्ट के बारे में अधिक जानकारी के लिए corporate.walmart.com पर जाएं, या फेसबुक पर facebook.com/walmart, एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर twitter.com/walmart, और लिंक्डइन पर linkedin.com/company/walmart देखें ।
वॉलमार्ट सततता, कॉर्पोरेट परोपकार और रोजगार के अवसरों के क्षेत्र में अग्रणी बना हुआ है।
Additional information about Walmart can be found by visiting corporate.walmart.com, on Facebook at facebook.com/walmart , on X (formerly known as Twitter) at Walmart (@Walmart) / X and on LinkedIn at linkedin.com/company/walmart

आइडियाज़ टू इम्पैक्ट (i2i) फाउंडेशन के बारे में

आइडियाज़ टू इम्पैक्ट (i2i) फाउंडेशन, वॉलमार्ट वृद्धि का कार्यान्वयन साझेदार, एक गैर-लाभकारी संस्था है जो नवोन्मेषी और समुदाय-केंद्रित समाधानों के माध्यम से सतत मानव विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है । i2i सरकारों, नागरिक समाज संगठनों और कॉर्पोरेट संस्थाओं के साथ साझेदारी कर ऐसे स्केलेबल कार्यक्रम विकसित करता है, जो वंचित समुदायों को सशक्त बनाते हैं और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को समर्थन प्रदान करते हैं । फाउंडेशन का कार्य शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और जेंडर समावेशन जैसे क्षेत्रों में फैला हुआ है, जिसका उद्देश्य सशक्त और समावेशी समाज का निर्माण करना है । सहयोग और पारदर्शिता की सुदृढ़ नींव पर आधारित i2i फाउंडेशन बेहतर भविष्य के निर्माण हेतु स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध है ।

i2ifoundation.org/about-i2i-foundation

अधिक जानकारी के लिए, संपर्क करें

wmintmediainquiry@wal-mart.com

Dignitaries Present

The MoU signing ceremony was attended by Shri Alok Kumar, IAS, Additional Chief Secretary (Infrastructure & Industrial Development, MSME & Export Promotion, NRI Affairs), Government of Uttar Pradesh, Shri Pawan Agarwal, Additional Commissioner, Exports along with other officials from the Export Promotion Bureau (EPB).

Senior representatives from Walmart, Flipkart, and its implementation partner, Ideas to Impact Foundation, were also present, including Mr. Nittin Dutt, Senior Director – Supplier Development (India), Sourcing, Walmart International; Mr. Santosh Kumar Wagh, Senior Manager – Supplier Development (India), Sourcing, Walmart International; Mr. Rajat Dutta, Senior Manager – Outbound, Walmart Cross Border Trade; Mr. Parul Soni, Founder and Trustee, Ideas to Impact Foundation; and Mr. Shantanu Srivastava, Executive Director – Government Affairs, Ideas to Impact Foundation.

वॉलमार्ट वृध्दि एमएसएमई कनेक्ट 2025, मऊ: डिजिटल विकास की पहल

डॉ. पंकज मुख्य अतिथि का भाषण दे रहे हैं
माननीय सांसद, लोकसभा श्री राजीव राय एवं भारत सरकार के पूर्व सचिव श्री बदरुद्दीन ख़ान बर्नी की गरिमामयी उपस्थिति में, उत्तर प्रदेश के मऊ से प्रमुख उद्योग संगठनों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
विकास जांगरा और कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिनिधि
माननीय सांसद, लोकसभा श्री राजीव राय द्वारा मुख्य अतिथि संबोधन
वॉलमार्ट वृद्धि मेंटर राजीव बजाज अंतर्दृष्टि साझा कर रहे हैं
रेणुका मिश्रा, संस्थापक, रेनहोम्ज़ द्वारा वॉलमार्ट वृध्दि स्नातक के रूप में अपने अनुभव साझा करते हुए
वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम के स्नातकों ने अपने अनुभव साझा किए
मऊ के एमएसएमई प्रतिभागियों के साथ आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र

कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण

एमएसएमई को डिजिटल कॉमर्स और बाज़ार तक पहुँच के अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से, वॉलमार्ट वृध्दि ने 26 दिसंबर 2025 को उत्तर प्रदेश के मऊ स्थित होटल द आर.एस. पैलेस में एमएसएमई कनेक्ट 2025 का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में 400 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, व्यापार संघों के प्रतिनिधि तथा नगर प्रशासन के सदस्य शामिल थे। माननीय सांसद, लोकसभा श्री राजीव राय मुख्य अतिथि के रूप में तथा इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर के पूर्व सचिव श्री बदरुद्दीन ख़ान बर्नी विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

एमएसएमई को एक साझा मंच पर लाते हुए, इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय (फ़्लिपकार्ट) एवं अंतरराष्ट्रीय मार्केटप्लेस (वॉलमार्ट मार्केटप्लेस) के माध्यम से ई-कॉमर्स अवसरों और बाज़ार तक पहुँच पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। वॉलमार्ट वृध्दि एमएसएमई कनेक्ट मऊ 2025 में प्रमुख संस्थानों और उद्योग निकायों के प्रतिनिधियों की भी सहभागिता रही, जिनमें सिडबी और डाक निर्यात केंद्र (इंडिया पोस्ट) के प्रतिनिधि शामिल थे। इसके साथ ही नगर पालिका परिषद से श्री अरशद जमाल तथा मऊ साड़ी व्यापारी संघ के अध्यक्ष श्री जमाल अर्पण सहित स्थानीय नेतृत्व की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली।

मुख्य वक्ता और सत्र

उद्घाटन सत्र में, आइडियाज़ टू इम्पेक्ट फ़ाउंडेशन की ट्रस्टी पारुल सोनी ने एमएसएमई को डिजिटल टूल्स और व्यक्तिगत मेंटरशिप से सशक्त बनाने में वॉलमार्ट वृध्दि की भूमिका पर प्रकाश डाला, जिससे उद्यमियों को मऊ से राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाज़ारों तक अपने व्यवसाय का विस्तार करने में सहायता मिल रही है।
वॉलमार्ट वृध्दि कार्यक्रम का परिचय देते हुए, वॉलमार्ट इन इंडिया में क्रॉस बॉर्डर ट्रेड के मैनेजर शंभू नायर ने बताया कि यह पहल संरचित तरीके से सीखने, व्यावसायिक टूल्स तथा नए मार्केटप्लेस तक पहुँच के माध्यम से एमएसएमई को किस प्रकार सहयोग प्रदान करती है।

इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर के पूर्व सचिव श्री बदरुद्दीन ख़ान बर्नी ने मऊ के सशक्त और जीवंत उद्यमशील पारिस्थितिकी तंत्र को रेखांकित करते हुए, एमएसएमई को अपने संचालन के आधुनिकीकरण और बड़े बाज़ारों तक विस्तार में सक्षम बनाने के लिए वॉलमार्ट वृध्दि जैसी पहलों के महत्व पर प्रकाश डाला।
माननीय सांसद, लोकसभा श्री राजीव राय ने उत्तर प्रदेश के सुदृढ़ एमएसएमई परिदृश्य को उजागर करते हुए डिजिटल अपनाने, क्षमता निर्माण की अहम भूमिका पर बल दिया तथा यह भी रेखांकित किया कि वॉलमार्ट वृध्दि जैसी पहलें स्थानीय उद्यमियों को सतत व्यावसायिक विकास हासिल करने में किस प्रकार सहयोग प्रदान करती हैं।

कार्यक्रम में वॉलमार्ट वृध्दि के स्नातकों द्वारा अनुभव-साझाकरण सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें रेनहोम्ज़ की संस्थापक रेणुका मिश्रा तथा अल्पिनिस्टा के मालिक दीपक राय ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत प्राप्त मेंटरशिप और डिजिटल सशक्तिकरण ने उनके व्यवसायिक संचालन को किस प्रकार सुदृढ़ बनाया।
वॉलमार्ट वृध्दि के मेंटर राजीव बजाज ने भी कार्यक्रम के दौरान उद्यमियों को सहयोग प्रदान करने के अपने अनुभव साझा किए तथा व्यवसायिक क्षमताओं को मजबूत करने में मेंटरशिप और रणनीतिक मार्गदर्शन की भूमिका पर विचार व्यक्त किए।

ओरिएंटेशन एवं संवाद

ओरिएंटेशन सत्र के दौरान, आइडियाज़ टू इम्पेक्ट फ़ाउंडेशन में अकादमी एवं मेंटरशिप प्रमुख रविकांत सुमन ने एमएसएमई को कार्यक्रम के प्रशिक्षण मॉड्यूल, मेंटरशिप संरचना तथा ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी।
क्रॉस बॉर्डर ट्रेड (CBT) सत्र में, Walmart in India में क्रॉस बॉर्डर ट्रेड के मैनेजर शंभू नायर ने Walmart.com के माध्यम से भारतीय एमएसएमई को वैश्विक ग्राहकों तक पहुँचाने के महत्व पर ज़ोर दिया।

आगे की राह

चर्चाओं में यह सामने आया कि वॉलमार्ट वृध्दि जैसे सहयोगात्मक कार्यक्रम सार्वजनिक–निजी भागीदारी के माध्यम से एमएसएमई को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में कार्यक्रम की पहुँच बढ़ाना ज़रूरी है, ताकि अधिक एमएसएमई क्लस्टरों को जोड़ा जा सके और उन्हें फ़्लिपकार्ट तथा वॉलमार्ट मार्केटप्लेस जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर शामिल किया जा सके।

सत्रों में बताया गया कि जब सरकारी नेतृत्व और कार्यक्रम की विशेषज्ञता साथ मिलकर काम करते हैं, तो इससे उपयुक्त परिस्थितियाँ बनती हैं जिसमें एमएसएमई आसानी से डिजिटल व्यापार को अपना सकते हैं और औपचारिक बाजार व्यवस्था से जुड़ सकते हैं।

मऊ जैसे जिलों का उदाहरण दिया गया, जहाँ एमएसएमई की अच्छी संभावनाएँ हैं। वहाँ लक्षित डिजिटल प्रशिक्षण और सहयोग के जरिए स्थानीय व्यवसायों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा जा सकता है, जिससे निर्यात और सीमापार व्यापार के नए अवसर खुल सकते हैं।